लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal

Association with Indian Institute of Public Administration

Current Volume: 17 (2025 )

ISSN: 2249-2577

Periodicity: Quarterly

Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर

Subject: Social Science

DOI: https://doi.org/10.32381/LP

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भारतीय लोकतंत्रा में चुनाव सुधारः निष्पक्ष और पारदर्शी चुनावों की दिशा में उठाए गए कदम

By : रोहित कुमार , हेत राम ठाकुर

Page No: 52-65

सार
भारतीय लोकतंत्र का सशक्तिकरण, स्थायित्व और सफलता का आधार स्वतंत्र, निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया पर टिका है, जो जनता की इच्छा और संप्रभुता का प्रतिनिधित्व करता है। लेकिन समय के साथ चुनावी प्रक्रिया में धन, अपराध, जातिवाद और धार्मिक ध्रुवीकरण जैसी चुनोतियों ने लोकतंत्र की शुद्धता को प्रभावित किया है। इन समस्याओं से निपटने के लिए चुनाव सुधारों की आवश्यकता महसूस की गयी, ताकि लोकतान्त्रिक प्रक्रिया की शुद्धता और पारदर्शिता बनी रहे। इस शोध पत्र में उन सुधारों का विश्लेषण किया गया है, जो भारत में निष्पक्ष चुनावों और पारदर्शिता की स्थापना की दिशा में उठाए गए हैं, जैसे ईवीएम और वीवीपैट का उपयोग, चुनाव आयोग की स्वायत्ता को सुदृढ़ करना, आपराधिक पृष्ठभूमि वाले उम्मीदवारों पर प्रतिबन्ध, चुनावी खर्च और धनबल पर नियंत्रण तथा मतदाता जागरूकता बढ़ाने का प्रयास आदि शामिल हैंप् साथ ही यह अध्ययन वर्तमान सुधारों की प्रभावशीलता और भविष्य में संभावित सुधारों की आवश्यकता पर भी विचार करता है। निष्कर्षतः भारतीय लोकतंत्र की मजबूती और उसकी साख को बनाए रखने के लिए चुनाव सुधारों की सतत् प्रक्रिया अति आवश्यक है, जिससे लोकतंत्र और अधिक समावेशी, विश्वसनीय और पारदर्शी बन सके।

लेखक
रोहित कुमार, शोधार्थी राजनीति विज्ञान, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, शिमला (हि. प्र.)।
डॉ. हेत राम ठाकुर, सहायक प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान, हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय, क्षेत्रीय इकाई, धर्मशाला (हि. प्र.)।
 

DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2025.17.04.4

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