लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal
Association with Indian Institute of Public Administration
Current Volume: 17 (2025 )
ISSN: 2249-2577
Periodicity: Quarterly
Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर
Subject: Social Science
DOI: https://doi.org/10.32381/LP
स्टार्टअप इंडिया की विकास में भूमिका
By : रोहिणी
Page No: 114-121
सार
स्टार्टअप इंडिया भारत सरकार की एक प्रमुख योजना है जिसका उदेश्य देश में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देना एवं नवाचार और उद्ययमिता के लिए अनुकूल परिवेश तैयार करना है ताकि, अधिक से अधिक रोजगार का सृजन हो सके एवं नवाचार से स्टार्टअप्स को मजबूत आधार प्राप्त हो सके।1 यहाँ यह उल्लेखनीय है कि स्टार्टअप योजना कृषि, निर्माण, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्रों से सम्बंधित है। सॉफ्टवेयर और सेवा कंपनियों के राष्ट्रीय संघ (नैसकॉम) की रिपोर्ट के अनुसार भारतीय स्टार्टअप परिस्थितिकी तंत्र में 2025 तक पाँच लाख से ज्यादा नए रोजगार उपलब्ध कराए गए हैं। इसके तहत विदेशी निवेशकों को कई अवसर प्रदान किए गए हैं। भारतीय स्टार्टअप के लिए कुल फंडिंग 2014 में 3.9 अरब डॉलर था। लेकिन 2019 में यह बढ़कर 14.5 अरब डॉलर हो गया। इससे भारत में नवाचारों एवं उद्यम शीलता में वृद्धि हुई है। नेस कॉम की रिपोर्ट के अनुसार भारत में विश्व का तीसरा सबसे बड़ा स्टार्टअप परिस्थितिकी तंत्र है। देश में 50,000 से ज्यादा स्टार्टअप है। जिससे 4.2 लाख से ज्यादा रोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। अतः यह अनुसन्धान पत्र स्टार्टअप इंडिया की विकास में भूमिका की विवेचना करता है।
लेखक
डॉ. रोहिणी, सीनियर असिस्टेंट प्रोफेसर, राजनीति विभाग, ठाकुर प्रसाद महाविद्यालय, भूपेंद्र नारायण मण्डल विश्वविद्यालय, मधेपुरा, बिहार।
DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2025.17.03.8