लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal

Association with Indian Institute of Public Administration

Current Volume: 17 (2025 )

ISSN: 2249-2577

Periodicity: Quarterly

Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर

Subject: Social Science

DOI: https://doi.org/10.32381/LP

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घरेलू अर्थव्यवस्था के विकास पर स्टार्टअप का प्रभाव

By : धनंजय शर्मा

Page No: 16-29

सार
घरेलू अर्थव्यवस्था पर स्टार्टअप का प्रभाव व्यापक और सकरात्मक होता है क्योंकि स्टार्टअप न केवल बेरोजगारों के लिए रोजगार के अवसर उत्पन्न करता है बल्कि नये उत्पादों, सेवाओं और तकनीकी नवाचारों के माध्यम से अर्थव्यवस्था को भी प्रोत्साहित करता है। यह छोटे और मझले व्यवसाय आर्थिक विकास को भी गति प्रदान करने का कार्य करता है क्योंकि यह नए बाजारों का निर्माण करता है तथा प्रतिस्पर्घा को बढ़ावा देता है। स्टार्टअप के द्वारा निवेश को आकर्षित किया जाता है। जिससे वित्तीय क्षेत्र में सक्रियता बढ़ती है और घरेलू निवेश को आकर्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इन व्यवसायों के माध्यम से करों का भुगतान और राजस्व में वृद्धि होती है। स्टार्टअप सामाजिक समावेशिता और परिवर्तन को भी बढ़ावा देता है, विशेषकर महिलाओं और अन्य पिछड़े वर्गो के लिए रोजगार सृजन के माध्यम से, इसके अतिरिक्त यह वैश्विक स्तर पर घरेलू उत्पादों और सेवाओं की पहचान को बढ़ाने में सहायता प्रदान करते है। इसके माध्यम से निर्यात और विदेशी व्यापार में वृद्धि देखी जा सकती है। इस दृष्टि से स्टार्टअप घरेलू अर्थव्यवस्था के सभी पहलुओं को सुदृढ़ी करने और दीर्घकालिक विकास को सुनिश्चित करता है। यह शोध पत्र घरेलू अर्थव्यवस्था के विकास पर स्टार्टअप का प्रभाव का अध्ययन करेगा।

लेखक
डाॅ. धनंजय शर्मा, सहायक आचार्य (समाजशास्त्र), रानी धर्म कुॅवर राजकीय महाविद्यालय, दल्लावाला, खानपुर, हरिद्वार (उत्तराखण्ड)।
 

DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2025.17.03.2

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