लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal
Association with Indian Institute of Public Administration
Current Volume: 17 (2025 )
ISSN: 2249-2577
Periodicity: Quarterly
Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर
Subject: Social Science
DOI: https://doi.org/10.32381/LP
आत्मनिर्भर भारत का सशक्त आधार: स्टार्टअप इंडिया
By : संतोष कुमार सिंह
Page No: 1-15
सार
नवाचार किसी भी अर्थव्यवस्था के लिए आत्मनिर्भर और सतत् विकास का आधार है। उद्यमिता वह धुरी है जो नवाचार के माध्यम से लोगों के जीवन स्तर को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। हम आत्मनिर्भर भारत होने के अपने मिशन की दिशा में काम कर रहे हैं, ऐसे में नवाचार को बढ़ावा देना और उद्यमियों को सहायता देना ऐसे दो महत्वपूर्ण पहलू हैं जो उस गति को निर्धारित करेंगे जिस पर हम विकसित देश बनने की ओर अग्रसर हो रहे हैं। स्टार्टअप नए भारत की रीढ़ है। स्टार्टअप का पारिस्थितिकी तंत्र नवाचार को प्रोत्साहित कर रहा है और नए युवा उद्यमियों, नए विचार वाले व्यवसायों तथा व्यवसाय करने के नए तरीकों को बढ़ावा दे रहा है एवं उन्हें सशक्त बनाने में अपनी महत्वपूर्ण योगदान का निर्वाह कर रहा है। आजादी का अमृत काल यानी इंडिया/75 से विज़न इंडिया/2047 तक की यात्रा में, भारत सरकार स्टार्टअप पारिस्थितिकी तंत्र की भूमिका को रोजगार सृजन और विकास के वाहक के रूप में देखती है। स्टार्टअप हमारी आम जिंदगी की अनेक समस्याओं के नवीन और टेक्नोलाॅजी आधारित समाधान भी प्रस्तुत करते हैं। युवाओं में नए तरीके से सोचने और चली आ रही परम्परागत प्रणालियों तथा प्रक्रियाओं को चुनौती देने की क्षमता है। सही अर्थ में स्टार्टअप ऐसी नवीन समाधानों, उत्पादों और सेवाओं को विकसित करने की भी यात्रा जिनसे अपने परिवेश को बेहतर बनाने की नई राहें और नए साधन मिल सकें, जिससे एक आत्मनिर्भर भारत को बनाने में सशक्त आधार मिल सके।
लेखक
संतोष कुमार सिंह, असिस्टेंट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग, रानी धर्म कुँवर राजकीय महाविद्यालय दल्लावाला - खानपुर, हरिद्वार (उत्तराखण्ड)।
DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2025.17.03.1