लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal
Association with Indian Institute of Public Administration
Current Volume: 17 (2025 )
ISSN: 2249-2577
Periodicity: Quarterly
Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर
Subject: Social Science
DOI: https://doi.org/10.32381/LP
सामाजिक-राजनीतिक परिप्रेक्ष्य मे स्त्रिायो का मानसिक स्वास्थ्यः चुनौतियाँ एवं सुझाव
By : विकास साहू
Page No: 42-55
सार
महिलाओं का मानसिक स्वास्थ्य सामाजिक और राजनीतिक पहलुओं से गहराई से जुड़ा हुआ है। लैंगिक असमानता, घरेलू हिंसा, आर्थिक निर्भरता और सामाजिक अपेक्षाओं के कारण महिलाएँ अवसाद, चिंता और अन्य मानसिक समस्याओं का सामना करती हैं। सामाजिक संरचनाएं और मान्यताओं सम्बंधित असमानता महिलाओं के आत्म-सम्मान और स्वायत्तता को कमजोर करती है, जिससे मानसिक तनाव बढ़ता है। घरेलू हिंसा और मानसिक उत्पीड़न महिलाओं के मानसिक स्वास्थ्य को गंभीर रूप से प्रभावित करते हैं, जिसके परिणामस्वरूप वे पोस्ट-ट्रॉमेटिक स्ट्रेस डिसऑर्डर (पी.टी.एस.डी.) जैसे गंभीर मानसिक विकारों की शिकार हो सकती हैं। आर्थिक निर्भरता के चलते महिलाओं में असुरक्षा और चिंता की भावना उत्पन्न होती है, जो उनकी स्वायत्तता को सीमित करती है। इसके अतिरिक्त, सामाजिक अपेक्षाओं और पारिवारिक दबाव के चलते उन्हें आदर्श पत्नी या माँ की भूमिका निभाने का दबाव रहता है। मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुँच की कमी और जागरूकता की कमी भी प्रमुख चुनौतियाँ हैं।
लेखक
विकास साहू, शोधछात्र, समाजशास्त्र, कार्यचिकित्सा विभाग, आयुर्वेद संकाय, चिकित्सा विज्ञान संस्थान, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी।
DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2025.17.02.4