लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal

Association with Indian Institute of Public Administration

Current Volume: 17 (2025 )

ISSN: 2249-2577

Periodicity: Quarterly

Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर

Subject: Social Science

DOI: https://doi.org/10.32381/LP

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आदिवासी महिला  सशक्तिकरण योजना की भूमिका

By : निशा , आमना मिर्जा

Page No: 26-41

सार
“आदिवासी महिला सशक्तिकरण योजना” भारत सरकार का एक महत्वाकांक्षी एवं दूरदर्शी प्रयास है, जिसका उद्देश्य देश की आदिवासी महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से सशक्त बनाना है। यह योजना न केवल महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने की राह दिखाती है, बल्कि उन्हें विकास की मुख्यधारा में जोड़ने का माध्यम भी बनती है। इस योजना के अंतर्गत स्वरोजगार, कौशल विकास, सूक्ष्म वित्त, और स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से आदिवासी महिलाओं को नए अवसर प्रदान किए जाते हैं, जिससे वे अपनी पहचान, गरिमा और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ सकें। यह योजना दूरवर्ती जनजातीय क्षेत्रों में महिलाओं के बीच एक नई चेतना, आत्मबल और नेतृत्व की भावना का संचार कर रही है। यह शोध इस योजना की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करता है, विशेषकर यह कि यह योजना किस प्रकार से आदिवासी महिलाओं के जीवन स्तर में सुधार ला रही है, उन्हें आत्मनिर्भर बना रही है और निर्णय-निर्माण की प्रक्रिया में उनकी भागीदारी को बढ़ावा दे रही है। इसके अंतर्गत योजना की फंडिंग, क्रियान्वयन, क्षेत्रीय भिन्नताएं, और सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाओं पर भी विश्लेषण किया गया है। साथ ही, इस शोध में योजना से जुड़े वित्तीय आंकड़ों, पुनर्भुगतान की प्रवृत्तियों, तथा स्थानीय संस्थागत भूमिकाओं की भूमिका पर भी व्यापक चर्चा की गई है, ताकि योजना के समग्र प्रभाव और दीर्घकालिक स्थायित्व को समझा जा सके।

लेखक
निशा, पीएच.डी. शोधार्थी, राजनीतिक विज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय।
डॉ. आमना मिर्जा , सह आचार्य, एस. पी. एम. कॉलेज, राजनीतिक विज्ञान विभाग, दिल्ली विश्वविद्यालय।
 

DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2025.17.02.3

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