लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal

Association with Indian Institute of Public Administration

Current Volume: 17 (2025 )

ISSN: 2249-2577

Periodicity: Quarterly

Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर

Subject: Social Science

DOI: https://doi.org/10.32381/LP

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत बहुभाषी शिक्षाः भारत के विविध भाषाई परिदृश्य के मद्देनजर चुनौतियाँ और अवसर

By : मयंक भारद्वाज

Page No: 107-120

सार
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 एक सुधार कार्यक्रम है जिसका उद्देश्य बहुभाषी शिक्षा पर ध्यान केंद्रित करते हुए भारत की शिक्षा प्रणाली का आधुनिकीकरण करना है। यह शिक्षण के प्राथमिक माध्यम के रूप में मातृभाषा या क्षेत्रीय भाषाओं के उपयोग पर जोर देता है। इस शिक्षा नीति का उद्देश्य भारत की भाषाई विविधता का उपयोग करना, समावेश को बढ़ावा देना और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करना भी है। इसमें त्रिभाषा सूत्र को शामिल किया गया है, बहुभाषी डिजिटल सामग्री के विकास को प्रोत्साहित किया गया है, और शिक्षक प्रशिक्षण तथा स्थानीय पाठ्यक्रम निर्माण पर विशेष ध्यान दिया गया है। इसका उद्देश्य शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के बीच की असमानता को खत्म करना, शैक्षिक विषमताओं को कम करना तथा सभी के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा तक समान पहुँच सुनिश्चित करना है। हालाँकि, 1,600 से अधिक भाषाओं और बोलियों वाले देश में बहुभाषी शिक्षा को लागू करना जटिल है, जिसमें सामाजिक-भाषाई प्रतिरोध, भाषाई पदानुक्रम, बुनियादी ढाँचे और संसाधन की कमी, शिक्षकों की तैयारी, नीतिगत विसंगतियों, राजनीतिक संवेदनशीलता और असंगत राज्य-स्तरीय प्रतिबद्धता जैसी चुनौतियाँ शामिल हैं। यह लेख भारत में बहुभाषी शिक्षा की संभावनाओं और चुनौतियों का विश्लेषण करता है, इसके क्रियान्वयन में आने वाली प्रमुख अड़चनों को उजागर करता है और सुधार हेतु साक्ष्य-आधारित सुझाव प्रस्तुत करता है।
 

लेखक
मयंक भारद्वाज, पीएचडी, दिल्ली विश्वविद्यालय।
 

DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2025.17.01.9

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