लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal

Association with Indian Institute of Public Administration

Current Volume: 17 (2025 )

ISSN: 2249-2577

Periodicity: Quarterly

Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर

Subject: Social Science

DOI: https://doi.org/10.32381/LP

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‘नए भारत’ की अवधारणाः दूरदर्शी राजनीतिक नेतृत्व की भूमिका

By : आलोक कुमार गुप्ता , संजय कुमार अग्रवाल

Page No: 9-25

सार
इस संसार में केवल परिवर्तन निरन्तर चलता रहता है। इसलिए, राष्ट्र-राज्य कभी तेज़ गति से तो कभी कछुए की गति से बदलते रहते हैं। परिवर्तन को जो गति प्रदान करता है, वह नेतृत्व है। इस अर्थ में समकालीन भारत वास्तव में ‘नया भारत’ है। पिछले दशक में भारतीय नेतृत्व ने राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय दोनों ही तरह से अपने व्यक्तित्व में कई रंग जोड़े हैं। ऐसा संभव हो पाया क्योंकि पिछली सरकारों ने भी भारत को सजाया, संवारा और संजोया था। प्रत्येक सरकारें अपना अभूतपूर्व योगदान देती आई हैं । परन्तु नया भारत अपने विकास की गति, वृद्धि और आधुनिकीकरण के साथ-साथ अपनी विषय-वस्तु की दृष्टि से काफी भिन्न है। नतीजतन, ‘ब्रांड इंडिया’ पूरी दुनिया में अर्थव्यवस्था और राजनीति के विभिन्न क्षेत्रों में छा रहा है। इस लेख में लेखकों ने ‘ब्रांड इंडिया’ को एक घटना बनाने के लिए राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय अस्तित्व के सभी पहलुओं में भारत की तेजी से आगे बढ़ती प्रगति के अवलोकन का प्रयास किया है। लेखकों ने समझा है कि यह नेतृत्व की शैली और दृढ़ संकल्प है जो इस वर्तमान मे संभव बना रहा है।

लेखक
आलोक कुमार गुप्ता, एसोसिएट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान एवं लोक प्रशासन विभाग, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय, चेरी-मनातू, रांची।
संजय कुमार अग्रवाल, सहायक प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान एवं लोक प्रशासन विभाग, झारखंड केंद्रीय विश्वविद्यालय, चेरी-मनातू, रांची।
 

DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2025.17.01.2

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