लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal
Association with Indian Institute of Public Administration
Current Volume: 17 (2025 )
ISSN: 2249-2577
Periodicity: Quarterly
Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर
Subject: Social Science
DOI: https://doi.org/10.32381/LP
भारत में महिला सशक्तिकरण की दिशा एवं दशाः हरियाणा प्रदेश के संदर्भ में एक समीक्षा
By : राजबीर सिंह दलाल , संदीप ढिल्लों
Page No: 76-91
Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र महिला सशक्तिकरण के बहुआयामी मुद्दे पर गहन चर्चा करता है और लोकतांत्रिक युग में इसके महत्व पर प्रकाश डालता है। लोकतांत्रिक प्रगति महिलाओं और अन्य हाशिए पर पड़े समूहों की सक्रिय भागीदारी से अभिन्न रूप से जुड़ी हुई है। ऐतिहासिक रूप से, महिलाओं की भूमिका में उतार-चढ़ाव रहा है। प्राचीन काल में सापेक्ष समानता की पेशकश की गई थी, जो विभिन्न सामाजिक-धार्मिक मानदंडों के कारण समय के साथ खराब होती गई। प्रस्तुत शोध विशेष रूप से हरियाणा प्रदेश पर केंद्रित है। आर्थिक प्रगति के बावजूद राज्य में लिंग असमानताओं को देखा सकता हैं। भारत में सबसे कम महिला लिंग अनुपात, उच्च मातृ मृत्यु दर और महिलाओं के सामने आने वाली व्यापक सामाजिक-सांस्कृतिक बाधाओं को प्रदेश में देखा जा सकता हैं। निष्कर्ष महिलाओं के प्रति सामाजिक दृष्टिकोण में धीमे लेकिन सकारात्मक बदलाव, महिलाओं में अधिकारों के प्रति जागरूकता में वृद्धि और दमनकारी परंपराओं में धीरे-धीरे कमी दर्शाते हैं। हालाँकि, महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता और सार्वजनिक बहसों और राजनीतिक संगठनों में उनकी भागीदारी में महत्वपूर्ण अंतर अभी भी बना हुआ है। अध्ययन में हरियाणा में महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए बेहतर रणनीतियों और नीतिगत हस्तक्षेपों की माँग की गई है, जिसमें निर्णय लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और गहरी जड़ें जमाए हुए पितृसत्तात्मक मानदंडों को खत्म करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
Authors
राजबीर सिहं दलाल, विभागाध्यक्ष, राजनीतिक विज्ञान विभाग, चौधरी देवीलाल विश्वविद्यालय, सिरसा, हरियाणा।
संदीप ढिल्लों, सहायक प्राध्यापक, राजनीतिक विज्ञान विभाग, चौधरी रणबीर सिंह विश्वविद्यालय, जींद, हरियाणा।
DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2024.16.04.6