लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal

Association with Indian Institute of Public Administration

Current Volume: 17 (2025 )

ISSN: 2249-2577

Periodicity: Quarterly

Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर

Subject: Social Science

DOI: https://doi.org/10.32381/LP

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भारत में गोपनीयता की अवधारणा का विकास: साइबर युग के विशेष सन्दर्भ में

By : अक्षत पुष्पम , रजनीश राज

Page No: 137-157

Abstract
आज भूमंडलीकरण के दौर  में  इन्टरनेट के विकास ने मानव जीवन में क्रांतिकारी बदलाव लाने का काम किया है। लेकिन आज सब कुछ जहाँ बस एक क्लिक के दूरी पर मौजूद है वहीं साइबर युग के विकास ने कई नई चिंताओं और चुनौतियों को भी जन्म दिया है जिनमें प्रमुख रूप से गोपनीयता का प्रश्न शामिल है। भारत के राष्ट्रीय अपराध ब्यूरो की माने तो आए दिन भारत में साइबर अपराध की संख्या बढ़ती जा है। अतः बढ़ रही साइबर आपराधिक घटनाओं के मद्देनजर यह पता लगाना महत्वपूर्ण हो जाता है कि संग्रहित डेटा का उपयोग केवल उसी उद्देश्य से किया जा रहा है जिसके लिए यह एकत्र किया गया था। इसी संदर्भ में यह आलेख भारत में गोपनीयता और निजता की अवधारणा के विकास को समझते हुए उसके आम जनता पर पड़े प्रभाव का उल्लेख करता है।

Authors :
अक्षत पुष्पम : सहायक आचार्य, राजनीति विज्ञान विभाग , भारती महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय, नई दिल्ली।
रजनीश राज : शोध छात्र, राजनीति विज्ञान, केंद्रीय विश्वविद्यालय, हरियाणा।
 

DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2024.16.03.11

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