लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal
Association with Indian Institute of Public Administration
Current Volume: 17 (2025 )
ISSN: 2249-2577
Periodicity: Quarterly
Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर
Subject: Social Science
DOI: https://doi.org/10.32381/LP
साइबर-अपराध भारत के साइबर परिदृश्य में एक उभरता हुआ खतरा
By : शालिनी प्रसाद , अभय कुमार
Page No: 101-116
Abstract
आज की दुनिया में सुरक्षा की अवधारणा तेजी से बदलती जा रही है। सूचना और संचार प्रौद्योगिकी के अनियंत्रित प्रसार ने शांति और सुरक्षा बनाए रखने में कई चिंताएँ पैदा कर दी हैं। साइबर-अपराध अब एक अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा चिंता है और साइबर स्पेस में उन खतरों के प्रबंधन पर ध्यान केंद्रित किया गया है जो सभी को प्रभावित करते हैं। इस संबंध में, इस लेख का उद्देश्य साइबर अपराध की अवधारणाओं और अर्थ को समझना है। इसके अलावा, शोध का उद्देश्य भारत की राष्ट्रीय सुरक्षा पर ‘‘साइबर अपराध‘‘ के प्रतिकूल प्रभाव की जांच करना है। यह उन खतरों और चुनौतियों का वर्णन करता है जिनका भारत का साइबर स्पेस सामना कर रहा है, या भविष्य में सामना करने की संभावना है। यह लेख इस बात का पता लगाने की कोशिश करेगा कि भविष्य में साइबर अपराध एक बड़ा खतरा कैसे बन सकता है, जिससे भारत की सुरक्षा को खतरा हो सकता है। भारत सरकार द्वारा राष्ट्रीय और साथ ही अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर कई पहलें अपनाई गई हैं। यह अध्ययन उन विभिन्न पहलों और नीतियों का विश्लेषण करेगा, जिन्हें भारत सरकार ने राष्ट्रीय और अंतरर्राष्ट्रीय स्तर पर इन खतरों और चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए वर्षों से तैयार किया है।
Authors :
डॉ शालिनी प्रसाद : सहायक प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग, इलाहबाद विश्वविद्यालय, प्रयागराज।
डॉ अभय कुमार : सहायक प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग, सामाजिक विज्ञान संकाय, काशी हिन्दू विश्वविद्यालय, वाराणसी।
DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2024.16.03.8