लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal
Association with Indian Institute of Public Administration
Current Volume: 17 (2025 )
ISSN: 2249-2577
Periodicity: Quarterly
Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर
Subject: Social Science
DOI: https://doi.org/10.32381/LP
साइबर अपराध और युवाः भारतीय सन्दर्भ में विश्लेषण
By : प्रवीन कुमार झा , विनायक राय , संगीता
Page No: 78-91
Abstract
तकनीकी प्रगति ने समाज में महत्वपूर्ण सुधार लाए हैं, लेकिन उन्होंने नए प्रकार के आपराधिक अवसर भी पैदा किए हैं। हाल के वर्षो में साइबर अपराध और साइबर सुरक्षा के मुद्दे तेजी से बढ़े हैं, जिससे जांँच की एक नई उपशाखा (Cyber Crime Cell) को जन्म दिया है। यह शोध कार्य साइबर अपराधों के अर्थ और संभाव्यता तथा लक्षित पीड़ितों, मुख्य रूप से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर युवाओं का गहन विश्लेषण प्रदान करता है। आज सोशल मीडिया हमारे जीवन का इतना अहम् हिस्सा बन गया है कि इसके बिना जीना लगभग असंभव है। भारतीय युवा सोशल नेटवर्किं ग पर जितना समय और ऊर्जा खर्च करते हैं, उससे उनके जीवन में इसका महत्व तो पता चलता है, लेकिन क्या उन्हें सोशल मीडिया पर संवेदनशील जानकारी साझा करने की गंभीरता का एहसास है, यह एक बड़ा सवाल बना हुआ है। यह शोध यह जानने का प्रयास करता है कि सोशल नेटवर्किंग साइट्स युवाओं के जीवन में किस तरह से प्रवेश कर रही हैं और उनके जीवन और समाज पर इसका क्या प्रभाव पड़ रहा है, जिससे साइब अपराध को बढ़ावा मिलता है। इन सब को समझने के बाद, यह शोध पत्र यह भी सुझाव देता है कि इन्हें कैसे रोका और प्रतिबंधित किया जा सकता है।
Authors :
प्रवीन कुमार झा : प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग, शहीद भगत सिंह काॅलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय।
विनायक राय : दिल्ली विश्वविद्यालय।
संगीता : प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग, शहीद भगत सिंह काॅलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय।
DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2024.16.03.6