लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal

Association with Indian Institute of Public Administration

Current Volume: 17 (2025 )

ISSN: 2249-2577

Periodicity: Quarterly

Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर

Subject: Social Science

DOI: https://doi.org/10.32381/LP

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भारत में साइबर अपराध: प्रवृत्तियाँ, विश्लेषण एवं समाधान

By : चंदन सिंह , प्रदीप कुमार सिंह

Page No: 32-51

Abstract
आज के आधुनिक डिजिटल युग में प्रौद्योगिकी के प्रसार ने हमारे जीने, काम करने और बातचीत करने के तरीके में क्रांति ला दी है। हालांकि बढ़ी हुई संयोजकता और डिजिटलीकरण के लाभों के साथ-साथ साइबर अपराध में एक व्यापक और उभरती चुनौती भी है। साइबर अपराध में डिजिटल चैनलों के माध्यम से की जाने वाली अवैध गतिविधियों की एक विस्तृत श्रृंखला शामिल है जो दुनिया भर में व्यक्तियों, व्यवसायों और सरकारों के लिए महत्वपूर्ण चुनौतियां प्रस्तुत करती है। वित्तीय धोखाधड़ी और पहचान की चोरी से लेकर ऑनलाइन उत्पीड़न और डेटा उल्लंघनों तक साइबर अपराधी व्यक्तिगत लाभ के लिए डिजिटल तंत्र की कमजोरियों का फायदा उठाते हैं जिससे आर्थिक नुकसान, प्रतिष्ठा की क्षति और सामाजिक क्षति होती है।
    इस शोध पत्र का उद्देश्य साइबर अपराध की प्रवृत्तियों का व्यापक विश्लेषण करना है जो डिजिटल खतरों की विकसित हों रही प्रकृति और समाज के विभिन्न क्षेत्रों पर तथा उसके प्रभाव पर प्रकाश डालना है। यह शोध- पत्र बच्चों, महिलाओं और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ साइबर अपराध के रूझानों की जाँच करके,इन रूझानों को चलाने वाले अंतर्निहित कारकों को स्पष्ट करने और साइबर खतरों को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए संभावित रणनीतियों का पता लगाने का प्रयास करता है।

Authors
डाॅ. चन्दन सिंह : सहायक आचार्य, लोक प्रशासन विभाग, शासकीय महाविद्यालय, उकलाना, हिसार।
डाॅ. प्रदीप कुमार सिंह : सहायक आचार्य, लोक प्रशासन विभाग, बाबा साहेब भीमराव अम्बेडकर, विश्वविद्यालय, लखनऊ।
 

DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2024.16.03.3

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