लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal

Association with Indian Institute of Public Administration

Current Volume: 17 (2025 )

ISSN: 2249-2577

Periodicity: Quarterly

Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर

Subject: Social Science

DOI: https://doi.org/10.32381/LP

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भारतीय लोकतंत्र की विशिष्टताएंः एक शोध अन्वेषण

By : अभय प्रसाद सिंह , कृष्ण मुरारी

Page No: 36-53

Abstract
भारतीय लोकतंत्र की विरासत औपनिवेशिक अनुभव, स्वतंत्रता आन्दोलन में विकसित साझी दूर दृष्टि एवं जन नायकों के सृजनात्मक कल्पनाशीलता का एक विशिष्ट संविधानिक अभिव्यक्ति है। नागरिक, राजनीतिक दल, शासकीय निकाय, न्यायपालिका,एवं नागरिक समाज के घटकों ने विगत साढ़ेसात दशकों में एक विमर्शी एवं समावेशी लोकतंत्र स्थापित किया है। दुनिया के प्राचीनतम एवं समकालीन लोकतांत्रिक व्यवस्थाओं में भारतीय लोकतंत्र अपने विशिष्टताओं के कारण संविधानवाद की एक अलग श्रेणी का प्रतिनिधित्व करता है। इस शोध आलेख में भारतीय लोकतंत्र के विशिष्टता विमर्श के प्रमुख आयामों जैसे, सामाजिक एवं जेंडर न्याय, शासकीय 
नियामक अभिकरण, राजनीतिक संस्कृति, सार्वभौमिक मताधिकार, मतदान व्यव्हार, आदि, का विद्वत विश्लेषण किया गया है। 

Authors :
अभय प्रसाद सिंह : प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग, पी.जी.डी.ए.वी. महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय
कृष्ण मुरारी : असिस्टेंट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग, शहीद भगत सिंह महाविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय।
 

DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2023.15.04.4

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