लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal
Association with Indian Institute of Public Administration
Current Volume: 17 (2025 )
ISSN: 2249-2577
Periodicity: Quarterly
Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर
Subject: Social Science
DOI: https://doi.org/10.32381/LP
भारत मे नौकरशाही अनिर्णय और सुधारः नौकरशाही प्रदर्शन और मिशन कर्मयोगी की आवश्यकता का विश्लेषण
By : प्रवीण कुमार झा, संगीता
Page No: 15-25
Abstract
नौकरशाही संस्था प्राचीन काल से अस्तित्व में है और संस्था को हमेशा ऐसे कर्तव्य सौंपे गए हैं जिनके लिए बुद्धि, साहस की आवश्यकता होती है और साथ ही यह अधिकारियों को बहुत उच्च स्तर की शक्ति प्रदान करती है। भारतीय नौकरशाही को भी ऐसी शक्ति, जिम्मेदारी और निर्णय लेने की शक्ति सौंपी गई है। लेकिन इस संस्था की अक्सर भ्रष्टाचार, राजनीतिकरण, लालफीताशाही और नौकरशाही के आरोपों के साथ आलोचना की जाती रही है। हालाँकि यह संस्था राष्ट्र की क्षमता निर्माण के लिए डिजाइन की गई थी, लेकिन यह नेताओं और जनता की अपेक्षाओं को पूरा करने में काफी हद तक विफल रही और जल्द ही यह संस्था समय की माँगों को पूरा करने में कम कुशल और कम प्रभावी हो गई। इस लेख का उद्देश्य भारतीय नौकरशाही में निहित समस्याओं और मिशन कर्मयोगी द्वारा सुझाए गए सुधारों का अध्ययन करना है।
Authors :
प्रवीण कुमार झा: प्रोफेसर, शहीद भगत सिंह काॅलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय।
संगीता : प्रोफेसर, शहीद भगत सिंह काॅलेज, दिल्ली विश्वविद्यालय।
DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2023.15.04.2