लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal

Association with Indian Institute of Public Administration

Current Volume: 17 (2025 )

ISSN: 2249-2577

Periodicity: Quarterly

Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर

Subject: Social Science

DOI: https://doi.org/10.32381/LP

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संवैधानिक प्रजातंत्रा में महिलाओं की चुनावी सहभागिता- भारत की चुनावी राजनीति में महिला मतदाताओं की बढ़ती भूमिका और मतदान व्यवहार का अध्ययन

By : राकेश कुमार

Page No: 115-127

Abstract:
डाॅ. बाबा साहेब भीमराव आंबेडकर का महिलाओं के संदर्भ में मानना था की “मैं समुदाय की प्रगति को महिलाओं द्वारा हासिल की गई प्रगति के स्तर से मापता हूँ। शादी करने वाली हर लड़की अपने पति के साथ- साथ खड़ी हो, अपने बराबर होने का दावा करे और उनकी दासी बनने से इंकार करे मुझे यकीन है कि यदि आप इस सलाह का पालन करते हैं, तो आप सम्मान वह गौरव लाएगें” (सिंगारिया, 2014)। भारत की राजनीति में महिलाओं की हालिया भागीदारी से कुछ बिंदु स्पष्ट हैं पहला, लगातार पिछले कुछ वर्षों से महिला मतदान प्रतिशत में हो रही बढ़ोतरी 2019 के लोकसभा चुनाव में अब तक के शीर्ष स्तर पर पहुच गई है दूसरा, राजनैतिक दलों के चुनाव प्रचार से लेकर सरकारों की विभिन्न योजनाओं तक का निर्माण महिलाओं को केंद्र में रख कर किया जा रहा है। महिलाओं का मतदान प्रतिशत तो बढ़ा है लेकिन मुख्य प्रश्न यह है की क्या महिला मतदाता किसी तरह का राजनीतिक बदलाव करने में सक्षम है? इस अध्ययन में महिलाओं के मतदान व्यवहार पर भी चर्चा की गई है।
 
इस अध्ययन के लिए द्वितीय स्त्रोतों का प्रयोग किया गया है तथा विश्लेषणात्मक अध्ययन पद्धति को अपनाया गया है। तथा वर्तमान में उभरते मतदान प्रतिरूप पर चर्चा की गई है। संसद वह राज्य की विधानसभाओं में महिलाओं का प्रतिनिधित्व उनकी जनसख्याँ के अनुपात में बहुत कम रहा है इसके बावजूद भी संसद महिला आरक्षण बिल को स्वीकृति नही दे पाई है। राजनैतिक दलों ने अपने दल के भीतर महिला विंग का निर्माण तो किया है परन्तु चुनावों में महिलाओं को टिकट देने में अभी भी दल बहुत पीछे है। इसके बावजूद भारत की चुनावी राजनीति मे महिलाओं का मतदाता के रूप मे उभार देखने को मिला है जोकि चुनाव के परिणामों को भी प्रभावित करने मे सक्षम है। इस अध्ययन में महिलाओं की चुनावी भागीदारी को एतिहासिक दृष्टि से दर्शया गया है तथा उनकी बढती भूमिका के कारण भारतीय राजनीति में हो रहे परिवर्तनों पर चर्चा की गई है। 

Author
राकेश कुमार: शोधार्थी-राजनीति विज्ञान विभाग, बाबासाहेब भीमराव आंबेडकर विश्वविद्यालय, (केन्द्रीय) लखनऊ।
 

DOI: https://doi.org/10.32381/LP.2023.15.03.7

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