लोक प्रशासन - A UGC-CARE Listed Journal

Association with Indian Institute of Public Administration

Current Volume: 17 (2025 )

ISSN: 2249-2577

Periodicity: Quarterly

Month(s) of Publication: मार्च, जून, सितंबर और दिसंबर

Subject: Social Science

DOI: https://doi.org/10.32381/LP

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भारतीय परिप्रेक्ष्य में उच्च शिक्षा के समक्ष सीखने का अनुकूलतम वातावरणः सन्दर्भ एवं चुनौतियाँ

By : कुमारी रितु सिंह

Page No: 15-24

Abstract
मनुष्य में सीखने की उत्कट प्रवृत्ति उसे सभी सजीवों में विशिष्टतम स्थान प्रदान करती है। सीखना एक जीवन-पर्यंत चलने वाली प्रक्रिया है जिसका संपादन विभिन्न चरणों, प्रक्रियाओं एवं परिस्थितियों में होता है। यह एक ऐसी प्रक्रिया है जो औपचारिक तथा अनौपचारिक दोनों प्रकार से संपादित होती है। व्यक्ति के सीखने की व्यवस्थित एवं योजनाबद्ध क्रिया औपचारिक परिवेश एवं वातावरण में संपादित होती है तथा व्यक्ति की अनौपचारिक शिक्षा सीखने के अनौपचारिक परिवेश एवं वातावरण में फलीभूत होती है। सीखने की प्रक्रिया को व्यक्ति औपचारिक रूप से एवं संज्ञानात्मक ढंग से कुछ समूह, संस्थाओं एवं निकायों की सहायता से संपादित करता है। इसमें प्रमुख रूप से विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय तथा अन्य संस्थाएं आती हैं। वहीं अनौपचारिक शिक्षण में परिवार, साथी, समहू , समुदाय, सांस्कृतिक समूह एवं समस्त सामाजिक क्रियाओं- अनुक्रियाऔ को रखा जा सकता है जो संज्ञानात्मक या गैर-संज्ञानात्मक रूप से सीखने की प्रक्रिया को संपादित करती रहती है ।

Author :
कुमारी रितु सिंह :
शोधार्थी, (पी.एच.डी.) महात्मा गाँधी केन्द्रीय विश्वविद्यालय, मोतिहारी, बिहार।
 

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